हताशा के बर्डफ्लू से ग्रस्त चूजे” को जैसे ही अदालत ने 12 दिन की जेल की सजा सुनाई, उसकी अकड़ हवा हो गई। “ जमानत नहीं मांगूंगा” का घमंड भूल गया। सारी शर्तें मान लीं और और जमानत ले कर, दुम दबा कर चला गया।
मुम्बई में पिछले एक पखवाड़े से इसे मारने, उसे हकालने और गुंडागीरी कर रहे इस चूजे को आज अदालत में जब पुलिस पकड़ कर लाई तो वह शहीदी और हीरोगीरी के अंदाज से आया।
सोचा था, एक दिन से ज्यादा उसे पकड़े रहने की औकात नहीं कानून की।
कानून ने अपना काम किया, 12 दिन के लिए जेल भेज देने का हुक्म दिया।
सब अकड़ फूं हो गई।
डरा हुआ चूजा, भीगी बिल्ली में बदल गया। दुम दबाई, कानून की शर्तें मानीं और खिसियाआ चेहरा लिए, जमानत की राहत ले कर भाग गया। मुम्बई हंस रही है।