जब चोरों ने पुलिस से मदद मांगी

किस्सा आमची मुंबई का है।

तीन चोर एक घर में रात को ताला तोड़ कर चोरी के इरादे से घुसे।

मकानवाले थोड़ी देर बाद घर लौटे तो अंदर चोरों को देख कर बाहर से कुंडी लगा दी और हल्ला मचा कर पड़ोसियों को इकट्ठा कर लिया।बाहर लाठी लिए भीड़ खड़ी देख चोरों के होश उड़ गए और उन्होंने दरवाजे से सोफा सटा कर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।लेकिन भीड़ बढ़ती गई।

जान बचाने के लिए चोरों को एक ही उपाय सूझा।

उनमें से एक ने अपने मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया और हालत बता कर मदद मांगी। पुलिस वहां पहुंची, लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की, तब कहीं जाकर चोर बाहर आ सके और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।सबक? चोरी करने जाओ तो मोबाइल साथ रखना न भूलना:)

डर गया चूजा

हताशा के बर्डफ्लू से ग्रस्त चूजे” को जैसे ही अदालत ने 12 दिन की जेल की सजा सुनाई, उसकी अकड़ हवा हो गई। “ जमानत नहीं मांगूंगा” का घमंड भूल गया। सारी शर्तें मान लीं और और जमानत ले कर, दुम दबा कर चला गया।

मुम्बई में पिछले एक पखवाड़े से इसे मारने, उसे हकालने और गुंडागीरी कर रहे इस चूजे को आज अदालत में जब पुलिस पकड़ कर लाई तो वह शहीदी और हीरोगीरी के अंदाज से आया।
सोचा था, एक दिन से ज्यादा उसे पकड़े रहने की औकात नहीं कानून की।

कानून ने अपना काम किया, 12 दिन के लिए जेल भेज देने का हुक्म दिया।
सब अकड़ फूं हो गई।

डरा हुआ चूजा, भीगी बिल्ली में बदल गया। दुम दबाई, कानून की शर्तें मानीं और खिसियाआ चेहरा लिए, जमानत की राहत ले कर भाग गया। मुम्बई हंस रही है।